Haryana Land Registry New Rules 2026,हरियाणा में जमीन और प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 23 जून 2026 को पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 और ऑटो म्यूटेशन सिस्टम की शुरुआत की। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आसान बनाना, सरकारी कार्यालयों के चक्कर कम करना और जमीन के रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी बनाना है।
नई व्यवस्था में रजिस्ट्री और इंतकाल की प्रक्रिया को आपस में जोड़ा गया है। पहले जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद इंतकाल दर्ज कराने के लिए अलग से आवेदन करना पड़ सकता था, लेकिन अब निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रजिस्ट्री पूरी होने पर इंतकाल की प्रक्रिया अपने आप शुरू हो जाती है।
आइए विस्तार से जानते हैं कि हरियाणा में जमीन की रजिस्ट्री के नए नियम क्या हैं, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे होगा और जमीन मालिकों को इससे क्या फायदा मिलेगा।
Haryana Land Registry New Rules 2026,हरियाणा में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर मुख्यमंत्री की घोषणा
हरियाणा सरकार ने जमीन से संबंधित सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 23 जून 2026 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 और ऑटो म्यूटेशन सिस्टम शुरू किया।
इस व्यवस्था में जमीन की रजिस्ट्री से संबंधित आवेदन, दस्तावेजों का सत्यापन और इंतकाल की प्रक्रिया को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने पर जोर दिया गया है।
सरकार के अनुसार, नई व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को बार-बार तहसील और राजस्व कार्यालयों में जाने की परेशानी से राहत देना है। इससे आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देखना और जमीन से जुड़े दस्तावेज प्राप्त करना भी आसान हो सकता है।
Haryana Land Registry New Rules 2026,अब रजिस्ट्री के बाद अपने आप होगा इंतकाल
जमीन की खरीद-बिक्री के बाद इंतकाल यानी म्यूटेशन का विशेष महत्व होता है। यह राजस्व रिकॉर्ड में जमीन के स्वामित्व परिवर्तन को दर्ज करने की प्रक्रिया है।
पहले कई मामलों में रजिस्ट्री होने के बाद लोगों को इंतकाल के लिए अलग आवेदन करना पड़ता था। नई ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था में रजिस्ट्री पूरी होने के बाद संबंधित इंतकाल अपने आप तैयार होता है और उसका नंबर भी जारी किया जाता है।
हरियाणा सरकार की घोषणा के अनुसार:
- जहां संयुक्त खाते (खेवट) के बंटवारे की जरूरत नहीं है, वहां इंतकाल 24 घंटे के भीतर मंजूर करने का प्रावधान है।
- जहां खेवट का बंटवारा आवश्यक है, वहां प्रक्रिया अधिकतम 10 दिनों में पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- इंतकाल की स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकती है।
- नागरिक इंतकाल के रिकॉर्ड को ऑनलाइन डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं।
ध्यान दें कि ये समय-सीमाएं निर्धारित प्रक्रिया और संबंधित मामले की शर्तों के अधीन हैं।
Haryana Land Registry New Rules 2026,हरियाणा में पेपरलेस रजिस्ट्री कैसे होगी?
नई व्यवस्था में रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेजों के डिजिटल सत्यापन की सुविधा दी गई है। नागरिक स्वयं या डीड राइटर, वकील अथवा निर्धारित सहायता केंद्र की मदद से दस्तावेज तैयार कर सकते हैं।
रजिस्ट्री की सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:
पहला चरण: हरियाणा के आधिकारिक रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर जाएं और संबंधित सेवा चुनें।
दूसरा चरण: जमीन या संपत्ति से संबंधित जानकारी भरें। इसमें जिला, तहसील, गांव और संपत्ति का विवरण शामिल हो सकता है।
तीसरा चरण: संबंधित डीड तैयार करके जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
चौथा चरण: खरीदार और विक्रेता की पहचान का सत्यापन करें। नई व्यवस्था में दोनों पक्षों के लिए आधार आधारित ई-KYC अनिवार्य की गई है।
पांचवां चरण: संबंधित अधिकारियों द्वारा आवेदन और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकती है।
छठा चरण: निर्धारित स्टांप ड्यूटी और अन्य लागू शुल्क का भुगतान करें तथा रजिस्ट्री के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करें।
सातवां चरण: आवश्यक बायोमेट्रिक सत्यापन और डीड निष्पादन के लिए रजिस्ट्रेशन कार्यालय में उपस्थित हों। प्रक्रिया पूरी होने के बाद रजिस्ट्री और उससे जुड़ी इंतकाल प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
आधिकारिक पोर्टल: https://eregistration.revenueharyana.gov.in/
क्या जमीन की रजिस्ट्री के लिए तहसील जाना पड़ेगा?Haryana Land Registry New Rules 2026
पेपरलेस रजिस्ट्री का मतलब यह नहीं है कि हर स्थिति में पूरी प्रक्रिया घर बैठे ही पूरी हो जाएगी।
नई व्यवस्था में आवेदन, दस्तावेजों की जांच और कई औपचारिकताएं ऑनलाइन की जा सकती हैं। हालांकि, अंतिम रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक बायोमेट्रिक सत्यापन और डीड निष्पादन की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है।
इसलिए रजिस्ट्री कराने से पहले पोर्टल पर उपलब्ध निर्देशों और संबंधित तहसील की प्रक्रिया की जानकारी जरूर लें।
रजिस्ट्री के लिए तत्काल अपॉइंटमेंट की सुविधा,Haryana Land Registry New Rules 2026
हरियाणा सरकार ने नई व्यवस्था में पासपोर्ट सेवाओं की तर्ज पर तत्काल श्रेणी में रजिस्ट्रेशन अपॉइंटमेंट की सुविधा देने की भी घोषणा की है।
इसका उद्देश्य उन लोगों को सुविधा देना है जिन्हें निर्धारित शर्तों के अनुसार जल्दी रजिस्ट्रेशन की जरूरत होती है।
हालांकि, तत्काल अपॉइंटमेंट के लिए उपलब्ध तारीख, पात्रता और लागू शुल्क की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल से करनी चाहिए। इसे हर मामले में तुरंत रजिस्ट्री पूरी होने की गारंटी नहीं समझना चाहिए।
जमीन की फर्द और रजिस्ट्री की कॉपी घर बैठे कैसे लें?Haryana Land Registry New Rules 2026
हरियाणा सरकार ने 27 जुलाई 2026 को जमीन से संबंधित प्रमाणित दस्तावेज ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा भी शुरू की थी।
इस व्यवस्था के माध्यम से नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जमाबंदी, इंतकाल, फर्द बदर और रजिस्टर्ड सेल डीड की प्रमाणित प्रतियों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन में जिला, तहसील और गांव जैसी जानकारी भरनी होती है। मोबाइल नंबर पर OTP सत्यापन के बाद आवेदन संबंधित राजस्व अधिकारी के पास जांच के लिए भेजा जाता है। स्वीकृति और निर्धारित शुल्क के भुगतान के बाद प्रमाणित दस्तावेज ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकता है।
सरकारी घोषणा के अनुसार, इंतकाल, रजिस्टर्ड सेल डीड और फर्द बदर की प्रमाणित प्रति के लिए ₹100 का शुल्क निर्धारित किया गया है। जमाबंदी के लिए पहले 10 पृष्ठों का शुल्क ₹100 और उसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त पृष्ठ के लिए ₹5 निर्धारित किए गए हैं।
यह सुविधा पुराने दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त करने में उपयोगी हो सकती है।
Haryana Land Registry New Rules 2026,नई व्यवस्था से जमीन मालिकों को क्या फायदा होगा?
हरियाणा में डिजिटल रजिस्ट्री और ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था से जमीन खरीदने और बेचने वाले लोगों को कई प्रकार की सुविधाएं मिल सकती हैं।
1. बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी: आवेदन और दस्तावेजों की स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकती है।
2. इंतकाल की प्रक्रिया आसान होगी: रजिस्ट्री के बाद अलग आवेदन करने की जरूरत निर्धारित मामलों में समाप्त हो गई है।
3. दस्तावेजों की जांच में पारदर्शिता: डिजिटल सत्यापन और आवेदन की स्थिति से प्रक्रिया पर नजर रखना आसान हो सकता है।
4. रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होंगे: पात्र नागरिक निर्धारित शुल्क और प्रक्रिया के अनुसार प्रमाणित दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं।
5. समय की बचत: डिजिटल प्रक्रिया से अनावश्यक देरी और बार-बार दस्तावेज जमा करने की परेशानी कम करने का लक्ष्य है।
Haryana Land Registry New Rules 2026,जमीन की रजिस्ट्री कराने से पहले इन बातों का ध्यान रखें
जमीन खरीदने या बेचने से पहले जमाबंदी, मालिकाना रिकॉर्ड, जमीन की श्रेणी और किसी संभावित विवाद की जांच जरूर करें। केवल रजिस्ट्री हो जाने से जमीन से जुड़े सभी विवाद अपने आप समाप्त नहीं होते।
स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क संपत्ति तथा लागू नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए भुगतान करने से पहले आधिकारिक जानकारी प्राप्त करें।
यदि जमीन संयुक्त खाते में है या उसके बंटवारे की जरूरत है, तो संबंधित राजस्व कार्यालय से प्रक्रिया समझ लें। किसी भी अनजान व्यक्ति को OTP या बैंक की गोपनीय जानकारी न दें।
निष्कर्ष
हरियाणा में जमीन की रजिस्ट्री को आसान बनाने के लिए पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 और ऑटो म्यूटेशन सिस्टम शुरू किया गया है। नई व्यवस्था में रजिस्ट्री के बाद इंतकाल की प्रक्रिया अपने आप शुरू होने, ऑनलाइन आवेदन की स्थिति देखने और प्रमाणित दस्तावेज घर बैठे प्राप्त करने जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
जमीन खरीदने या बेचने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि रजिस्ट्री से पहले संबंधित दस्तावेजों और जमीन के रिकॉर्ड की जांच करें तथा आवेदन के लिए हरियाणा सरकार के आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें।
डिस्क्लेमर:
यह लेख जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। रजिस्ट्री, इंतकाल, शुल्क और समय-सीमा से जुड़े अंतिम नियमों के लिए हरियाणा सरकार के राजस्व विभाग की आधिकारिक सूचना देखें।
आधिकारिक स्रोत
हरियाणा सरकार की 23 जून 2026 की घोषणा: https://prms.prharyana.gov.in/press-release/3137
हरियाणा में प्रमाणित जमीन रिकॉर्ड ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा: https://prms.prharyana.gov.in/press-release/3417